Colugo: पेड़ों के बीच हवा में तैरता अनोखा जीव

Colugo (कोलुगो): पेड़ों के बीच उड़ने वाला रहस्यमयी स्तनपायी

परिचय

Colugo (कोलुगो) दक्षिण-पूर्व एशिया के घने जंगलों में पाया जाने वाला एक अनोखा स्तनपायी (mammal) है। इसे अक्सर “Flying Lemur” भी कहा जाता है, लेकिन वास्तव में यह न तो लेमूर है और न ही पक्षी की तरह उड़ता है। यह ग्लाइड (फिसलकर उड़ना) करता है। कोलुगो का वैज्ञानिक वर्ग Colugo नाम से जाना जाता है और यह Dermoptera नामक क्रम (order) का एकमात्र जीवित प्रतिनिधि है।

दुनिया में कोलुगो की केवल दो प्रजातियाँ पाई जाती हैं:

Sunda Colugo

Philippine Colugo

इनकी सबसे बड़ी खासियत है – शरीर के चारों ओर फैली त्वचा की झिल्ली (Patagium), जिसकी मदद से ये एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक 100 मीटर या उससे भी ज्यादा दूरी तक फिसलकर जा सकते हैं।

शारीरिक बनावट (Physical Appearance)

कोलुगो मध्यम आकार का स्तनपायी है। इसकी लंबाई लगभग 35–40 सेमी होती है और पूंछ लगभग उतनी ही लंबी होती है। वजन 1 से 2 किलो के बीच रहता है।

मुख्य विशेषताएँ:

बड़ी और गोल आंखें – रात में देखने के लिए उपयुक्त

पतली लंबी उंगलियाँ – पेड़ों को मजबूती से पकड़ने के लिए

पूरे शरीर को ढकने वाली झिल्ली (Patagium)

मुलायम भूरे या धूसर रंग का फर

इसकी झिल्ली गर्दन से लेकर उंगलियों, पैरों और पूंछ तक फैली होती है। यही इसे अन्य स्तनधारियों से अलग बनाती है।

आवास (Habitat)

कोलुगो मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया के वर्षावनों में पाए जाते हैं।

सुंडा कोलुगो के क्षेत्र:

मलेशिया

थाईलैंड

इंडोनेशिया

सिंगापुर

फिलीपीन कोलुगो:

केवल फिलीपींस के द्वीपों में

ये प्राणी घने, ऊँचे और नमी वाले जंगलों को पसंद करते हैं। पेड़ों से भरे क्षेत्र इनके लिए जरूरी हैं क्योंकि यही इनके रहने, खाने और घूमने का मुख्य स्थान है।

व्यवहार (Behavior)

कोलुगो निशाचर (Nocturnal) होता है, यानी यह रात में सक्रिय रहता है। दिन के समय यह पेड़ों से लटककर आराम करता है।

ग्लाइडिंग की कला

कोलुगो पक्षियों की तरह पंख फड़फड़ाकर नहीं उड़ता, बल्कि यह पेड़ से छलांग लगाकर अपनी झिल्ली फैला लेता है और हवा में तैरते हुए आगे बढ़ता है।

एक बार में 100 मीटर तक ग्लाइड कर सकता है

हवा में दिशा बदल सकता है

बहुत कम ऊर्जा खर्च होती है

यह तकनीक इसे शिकारियों से बचने और भोजन खोजने में मदद करती है।

आहार (Diet)

कोलुगो शाकाहारी होता है। इसका भोजन मुख्य रूप से शामिल है:

पत्तियाँ

फूल

फल

कोमल टहनियाँ

इसका पाचन तंत्र पत्तियों को पचाने के लिए अनुकूलित है। इनके दांतों की बनावट कंघी जैसी होती है, जिससे ये पत्तियों को आसानी से काट सकते हैं।

प्रजनन (Reproduction)

कोलुगो का प्रजनन व्यवहार भी काफी रोचक है।

मादा एक बार में केवल एक बच्चे को जन्म देती है

गर्भावस्था लगभग 60 दिन की होती है

बच्चा जन्म के समय बहुत छोटा और कमजोर होता है

मां अपनी झिल्ली को थैली की तरह उपयोग करती है, जिसमें बच्चा सुरक्षित रहता है। यह लगभग 6 महीने तक मां से चिपका रहता है, यहां तक कि ग्लाइड करते समय भी।

शिकारी और खतरे (Predators & Threats)

कोलुगो के मुख्य शिकारी हैं:

सांप

बड़े शिकारी पक्षी

जंगली बिल्लियाँ

लेकिन इनका सबसे बड़ा खतरा है – वनों की कटाई (Deforestation)।

जंगलों के नष्ट होने से इनका प्राकृतिक आवास कम होता जा रहा है। खासकर फिलीपींस में इनकी संख्या घट रही है।

पारिस्थितिकी में भूमिका (Role in Ecosystem)

कोलुगो जंगलों में बीज फैलाने (Seed Dispersal) में मदद करता है। जब ये फल खाते हैं, तो बीज दूर-दूर तक फैल जाते हैं, जिससे नए पेड़ उगने में सहायता मिलती है।

यह खाद्य श्रृंखला (Food Chain) का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वैज्ञानिक महत्व (Scientific Importance)

कोलुगो का अध्ययन वैज्ञानिकों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:

यह प्राइमेट (जैसे बंदर और इंसान) का करीबी रिश्तेदार माना जाता है

इसके डीएनए अध्ययन से विकासक्रम (Evolution) को समझने में मदद मिलती है

कई शोध बताते हैं कि कोलुगो और प्राइमेट्स का एक सामान्य पूर्वज रहा है।

कोलुगो से जुड़ी रोचक बातें

इसे “Flying Lemur” कहा जाता है, लेकिन यह असली लेमूर नहीं है।

इसकी झिल्ली सबसे बड़ी ग्लाइडिंग झिल्ली मानी जाती है।

यह जमीन पर बहुत कम आता है।

यह 15 साल तक जीवित रह सकता है (जंगली वातावरण में)।

संरक्षण स्थिति (Conservation Status)

सुंडा कोलुगो: अपेक्षाकृत स्थिर

फिलीपीन कोलुगो: खतरे में

इनके संरक्षण के लिए जंगलों की सुरक्षा जरूरी है। स्थानीय सरकारें और वन्यजीव संगठन इनके आवास को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

कोलुगो प्रकृति का एक अनोखा और अद्भुत जीव है। इसकी ग्लाइडिंग क्षमता, मातृत्व व्यवहार और जंगलों में इसकी भूमिका इसे खास बनाती है।

यह हमें याद दिलाता है कि प्रकृति में कितनी विविधता और रहस्य छिपे हैं। यदि हम जंगलों को बचाएंगे, तो ऐसे अनोखे जीव भी सुरक्षित रहेंगे।

कोलुगो केवल एक जानवर नहीं, बल्कि जंगलों की जीवंत कहानी है – जो पेड़ों के बीच हवा में तैरते हुए हमें प्रकृति की अद्भुत शक्ति का एहसास कराता है।

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